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इस बार ब्लू मून के साथ मनेगा रक्षाबंधन, जानें क्या है ब्लू मून और इसका वैज्ञानिक आधार

By PBNS -August 21, 2021043

सावन मास की पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला पर्व रक्षाबंधन इस बार रविवार, 22 अगस्त को है। इस बार पूर्णिमा का चंद्रमा बेहद खास होगा। यह मून नहीं, ब्लू मून कहलाएगा। यानि, इस बार ब्लू मून के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।

तीसरी पूर्णिमा का चांद कहलाता है ब्लू मून

रक्षा बंधन का त्योहार 22 अगस्त 2021 को मनाया जाएगा। राखी का त्योहार श्रवण नक्षत्र में मनाया जाता है। लेकिन इस साल धनिष्ठा नक्षत्र में मनाया जाएगा। शोभन योग बनने से भी इस त्योहार का महत्व बढ़ रहा है। इस साल रक्षा बंधन के दिन कुंभ राशि में गुरु वक्री चाल चलेंगे और यही पर चंद्रमा भी विराजमान रहेगा।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, रक्षा बंधन का त्योहार राजयोग भी लेकर आएगा। इस दिन गुरु और चंद्रमा के एक ही राशि में विराजमान होने से गजकेसरी योग बन रहा है। मान्यता है कि गजकेसरी योग में व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दौरान जातक को धन, मकान और वैभव की प्राप्ति होती है।

भोपाल की विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अगर किसी तीन महीने के एक सीजन में चार पूर्णिमा आती हैं, तो इनमें से तीसरी पूर्णिमा का चांद ब्लू मून कहलाता है। रक्षाबंधन पर 22 अगस्त को सावन मास की इस पूर्णिमा का चंद्रमा ब्लू मून होगा। यह स्थिति 18 मई 2019 के बाद अब बनी है।

क्यों कहा जाता है ब्लू मून?

सारिका ने बताया कि एक साल में चार सीजन होते हैं और प्रत्येक सीजन तीन माह का होता है। आमतौर पर प्रत्येक सीजन में केवल तीन पूर्णिमा होती है, लेकिन दिन-रात छोटे-बड़े होने के कारण कभी-कभी एक सीजन में चार पूर्णिमा आ जाती है।

उन्होंने बताया कि इस बार 21 जून को सबसे लम्बे दिन की तिथि और दिन रात बराबर होने की तिथि 22 सितम्बर के बीच की अवधि के खगोलीय सीजन में चार पूर्णिमा पड़ रही हैं। इनमें से रक्षाबंधन की पूर्णिमा तीसरी है। सीजन की इस अतिरिक्त तीसरी पूर्णिमा को नीला चांद या ब्लू मून कहा जाता है।

एक महीने में दो बार पूर्णिमा आने पर भी कहते हैं ब्लू मून

सारिका ने बताया कि एक अन्य खगोलीय विचारधारा के अनुसार अगर किसी एक अंग्रेजी महीने में दो पूर्णिमा आ जाती हैं, तो दूसरी पूर्णिमा का चांद ब्लू मून कहलाता है। ऐसा 2020 में हुआ था, जब एक अक्टूबर की पूर्णिमा के बाद 31 अक्टूबर को भी पूर्णिमा आ गई थी।

क्या खास है इस ब्लू मून में

सारिका ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन का पर्व ब्लू मून के साथ मनाया जाएगा। इस पूर्णिमा का चांद भले ही ब्लू मून कहलाएगा, लेकिन यह सामान्य पूर्णिमा की तरह पीलापन लिए हुए दिखाई देगा। (सोशल मीडिया पर इस प्रकार की गलत तथ्य हो सकते हैं कि आज का चांद नीला दिखेगा)।

19 अगस्त 2024 को होगा अगला ब्लू मून

विज्ञान प्रसारक सारिका ने बताया कि इस बार जब पूर्णिमा का चांद उदित होगा, तो इसके साथ सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह जुपिटर साथ होगा। यह इसके साथ आकाश में बना रहेगा। उन्होंने बताया कि ब्लू मून की पिछली घटना 18 मई 2019 को हुई थी। अब यह घटना 19 अगस्त 2024 को होगी।

तीन महीने के सीजन में चार पूर्णिमा इस दिन पड़े–
24 जून- पहली पूर्णिमा
24 जुलाई- दूसरी पूर्णिमा
22 अगस्त- तीसरी पूर्णिमा – ब्लू मून
20 सितम्बर- चौथी पूर्णिमा

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