कोंडागांवराजनीति

सरकार जनघोषणा पत्र का करेगी क्रियान्वयन – संतराम नेताम’ कर्मचारियों के हित में निर्णय लेने के लिए करेंगे मुख्यमंत्री से चर्चा’

बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं केशकाल विधायक संतराम नेताम एवं कांग्रेस कमेटी जिला उपाध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष नगर पंचायत फरसगांव विजय लांगड़े के कोंडागांव प्रवास के दौरान कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला संयोजक नीलकंठ शार्दुल एवं छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिलाध्यक्ष ऋषिदेव सिंह, विजय नाग बड़ेराजपुर ने विश्राम गृह में मुलाकात कर केंद्र सरकार के समान 28ः महंगाई भत्ता, गृहभत्ता में बढ़ोत्तरी, दिवंगत पंचायत कर्मियों की अनुकंपा नियुक्ति, क्रमोन्नति, पदोन्नति, वेतन विसंगति, पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर विस्तृत चर्चा की । फेडरेशन के जिला संयोजक नीलकण्ठ शार्दुल ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के कर्मचारियों को 12 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दे रही है जबकि केंद्र अपने कर्मचारियों को 28 प्रतिशत मंहगाई भत्ता प्रदान कर रही है । छत्तीसगढ़ के कर्मचारी 16 प्रतिशत कम मंहगाई भत्ता प्राप्त कर रहे है । बढ़ती मंहगाई किसानों एवं आम आदमियों के साथ साथ कर्मचारियों की भी कमर तोड़ रही है । ऐसे मे उन्हें समय समय पर केन्द्र सरकार के द्वारा प्रदत मंहगाई भत्ता के समान राज्य में भी लागू की जानी चाहिए । छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को 6वें वेतनमान के समय प्रदत्त 7 प्रतिशत मंहगाई भत्ता सातवें वेतनमान में स्थिर है उसकी बढ़ोतरी पर भी चर्चा की गई ।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिलाध्यक्ष ऋषिदेव सिंह ने विधायक को अवगत कराया कि कांग्रेस के जन घोषणा पत्र में उल्लेखित 1998 से एक ही पद पर कार्यरत शिक्षा कर्मियों को क्रर्माेन्नति प्रदान करने का वचन दिया गया है, साथ ही साथ पदोन्नति, वेतन विसंगति, पुरानी पेंशन बहाली की मांग को भी जन घोषणा पत्र में सम्मिलित किया गया है, परंतु सरकार के द्वारा अभी तक इन मांगों पर विचार नहीं किया गया है । प्रदेश में 2012 से लेकर 2018 के मध्य दिवंगत पंचायत शिक्षाकर्मियों की अनुकंपा नियुक्ति प्रदान नहीं की जाने के फलस्वरूप आश्रित परिवार के द्वारा लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है जिसका सभी संगठन समर्थन कर रहे हैं । आश्रितों परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति के लिए भी जिलाध्यक्ष में विधायक का ध्यान आकर्षित किया । बस्तर विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष एवं विधायक संतराम नेताम ने मांगों को गंभीरता से सुना एवं बताया कि सरकार कोरोना संकट काल के कारण कर्मचारियों के हित में ठोस निर्णय नहीं ले पायी है । सरकार धीरे-धीरे विभिन्न विभागों में भर्ती चालू कर बेरोजगारों को रोजगार देने का काम शुरु किया है ।शीध्र ही सरकार कर्मचारियों के हित में भी निर्णय लेगी । कांग्रेस ने अपने जन घोषणा पत्र में जिन बिंदुओं का उल्लेख किया है उन मांगों पर अक्षरशः निर्णय लिया जाना प्रस्तावित है । छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी पीएल. पुनिया ने स्पष्ट रूप से कहा है कि चुनाव पूर्व जनघोषणा पत्र में जो वादे किए गए हैं उन वादों को पूरा करना हमारी सरकार की प्राथमिकता में है । चर्चा के अंत विधायक ने छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को केन्द्र के समान महंगाई भत्ता दिलाने एवं दिवंगत पंचायत कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति बहाली करने के लिए तत्काल मुख्यमंत्री से मिलकर निराकरण करने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि आनेवाले कुछ दिनों के भीतर कर्मचारी प्रतिनिधि मंडल से भी मुख्यमंत्री की बैठक कराकर अन्य विषयों पर निर्णय लिये जाने का भरोसा दिलाया ।

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