गांजा तस्करी में आरोपीगण को 10-10 वर्ष के कारावास की सजा – ABB News
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गांजा तस्करी में आरोपीगण को 10-10 वर्ष के कारावास की सजा

इस प्रकरण में शासन की ओर से दिलीप जैन, लोक अभियोजक ने पैरवी की। प्रकरण के संबंध में लोक अभियोजक दिलीप जैन ने बताया कि 03.अप्रैल 2018 को विवेचक थाना से हमराह स्टाफ के साथ टाउन पेट्रोलिंग करते हुए 19ः50 बजे बस स्टैण्ड कोण्डागांव के पास पहुंचा था । तभी जगदलपुर की ओर से एक फोर्ड फिस्टा कार क्र. एमएच 02 बीएम.7140 पेट्रोलिंग गाडी को देखकर तेजी से भागने लगा । विवेचक ने संदेह होने पर उस वाहन का पीछा कर संदिग्ध वाहन को राठौर सुपर मार्केट के पास रूकवाया । उक्त वाहन जैसे ही रूकी उसमें से दो व्यक्ति उतरकर भागने लगे जिन्हें विवेचक ने हमराह स्टाफ के मदद से दौडाकर पकडा और कार के पास लाकर पूछताछ की तो अपना नाम आरोपी दिनकर इंगोले और अषोक कोली बताये । विवेचक द्वारा आरोपीगण के वाहन की सरसरी तौर पर तलाषी लेने पर वाहन के पीछे डिक्की के अंदर भूरे रंग के सेलोटैप से पैक किया हुआ पैकेट दिखायी दिया जिसमें से गांजा का गंध आ रहा था । इसके बाद आरोपीगण की तलाषी में आरोपी दिनकर इंगोले के पास से इंटेक्स कंपनी का मोबाईल, ड्राईविंग लायसेंस, एटीएम. कार्ड, नगद 800 रू. एवं आरोपी अषोक कोली के पास से एक पर्स जिसके अंदर ड्राईविंग लायसेंस, का डुप्लीकेट, मतदाता परिचय पत्र, एटीएम. कार्ड बरामद हुआ। आरोपीगण के कब्जे के वाहन से कुल 89 बरामद हुआ जिसे तौल करने पर कुल वजन 198.490 किलोग्राम पाया गया जिसे गवाहों के समक्ष जप्त कर एवं आरोपीगण से बरामद अन्य सामग्री को जप्त कर जप्ती पत्रक तैयार किया गया । इसके उपरांत आरोपीगण से बरामद वस्तुओं व हमराह स्टाफ के साथ वापस थाना कोण्डागांव आकर देहाती नासली रिपोर्ट प्रस्तुत किया जिसके आधार पर थाना कोण्डागांव में आरोपीगण के विरूद्ध अपराध क्र. 88/2018 धारा 20(ख) एनडीपीएस. एक्ट का प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया। आरोपी के विरूद्ध चालानी कार्यवाही योग्य पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने से अभियोग पत्र तैयार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया । कोण्डागांव जिले के विषेष सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस. एक्ट कोण्डागंाव के न्यायाधीश सुरेष कुमार सोनी ने प्रकरण का विचारण कर आरोपीगण को धारा 20 (ख) (2-स) स्वापक औषधी एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम के आरोप में दस-दस वर्ष के सश्रम करावास एवं रूपये 1,00,000.00-1,00,000.00 मात्र के अर्थदण्ड से दण्डित किया जाता है । अर्थदण्ड की राशि अदा होने के व्यतिक्रम पर 01 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास पृथक से भुगतना होगा ।

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