कोंडागांव

विष्व आदिवासी दिवस पर एम्बेड ने मुनगापदर में गा्रमीणों को किया मलेरिया के प्रति जागरूक

दुनियाभर में रहने वाले आदिवासी समुदाय के लोगों की संस्कृति, भाषा और अस्तित्व को बचाने के लिए हर साल 9 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस मनाया जाता है । इस उपलक्ष्य में कोंडागांव जिले के कई जगहों में समारोह आयोजित किये गए। जिनमें से एक मुनगापदर ग्राम भी है। जंहा 4 पंचायतों के 7 गांव के आदिवासी समाज ने मिलकर अपनी परम्पराओं के साथ बड़े धूमधाम से इस महापर्व को मनाया। इस समारोह में सामाजिक रैली एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुये। साथ ही सामाजिक रीतिरिवाज, शिक्षा, स्वास्थय आदि मुद्दों पर सामूहिक चर्चा हुयी।
मलेरिया से बचने के बताये उपाय – इस मौके पर एम्बेड परियोजना के जिला समन्वयक द्वारा मलेरिया से बचाव सम्बन्धी जानकारी प्रदान की गयी। जिसमे लोगो को उनके गॉंवों में मलेरिया की स्थिति बताई साथ ही मलेरिया से बचने के उपायों पर चर्चा करते हुए कहा कि बरसात के दिंनो में अपने आसपास के जगहों में पानी जमा ना होने दे, शाम होते ही नीम या कण्डे के धुंए करे, बाजार में उपलब्ध मच्छर भगाने वाले सामग्रीयो का उपयोग करे, साथ ही मच्छरदानी का लगातार उपयोग करें। मलेरिया का समय पर इलाज ना होने से स्थिति और गंभीर भी हो सकती है । साथ मृत्य का भी खतरा हो सकता है।
बुखार आने पर खून जांच जरूर करायें – मलेरिया के लक्षण जैसे- बुखार, उल्टी, सिरदर्द या कमजोरी महसूस होने पर मितानिन या पास के स्वास्थ्य केंद्र में खून जांच अवश्य कराये व मलेरिया होने पर डाक्टर की सलाहानुसार समय पूर्ण उपचार लें। पौष्टिक आहार एवं शरीर को आराम दें। मलेरिया विभाग एवं गोदरेज इण्डिया के सहयोग से फैमिली हेल्थ इंडिया द्वारा संचालित एम्बेड परियोजना कोंडागांव जिले के 100 गॉंवों में संचालित है। जिसके तहत बीसीसीएफ एवं सामुदायिक सहयोगी द्वारा गॉंव के मितानिन के साथ मिलकर मलेरिया एवं डेंगू को गांव से जड़ से मिटाने के प्रयास में जुटे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button