कोंडागांव

धान संग्रहण केंद्र जोबा में स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने के वादे से मुकरे अधिकारी ग्रामीणजनों एवं एआईवायएफ ने सौंपा ज्ञापन

पांचवी अनुसूची व पेषा कानून लागू क्षेत्र में आदिवासी समुदाय के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करते हुए, बिना ग्राम सभा के अनुमोदन के ही ग्राम जोबा में धान संग्रहण केंद्र स्थापना के लिए स्थानीय ग्रामवासियों को ही रोजगार देने का झूठा आष्वासन देकर, अब मुकर रहे और गांव के बेरोजगारों के नाम पर फर्जी आहरण करने वाले स्थानीय प्रषासन के सम्बन्धित अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग के सम्बन्ध में महामहिम राज्यपाल एवं मुख्य मंत्री छ.ग.षासन को सम्बोधित ज्ञापन को एआईवायएफ के बिसम्बर मरकाम जिला अध्यक्ष, जयप्रकाष नेताम जिला सचिव, दिनेष मरकाम, मुकेष मण्डावी के नेतृत्व में नरेंद्र नेताम, प्रवीण कष्यप, सुखचरण बघेल, धनर बघेल आदि ग्रामीणजनों द्वारा कलेक्टर कोण्डागांव को सौंपा गया। ज्ञापन में लेख किया गया है कि हम सभी भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत पांचवी अनुसूची व पेषा कानून लागू क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिला व जनपद पंचायत कोण्डागांव के ग्राम जोबा में निवासरत ग्रामीणजन हैं और इस ग्राम में 99 प्रतिषत आदिवासीजन निवासरत हैं। वर्श 2019 में अचानक स्थानीय प्रषासन के कुछ अधिकारगण जोबा क्षेत्र में स्थित एक मैदान में धान संग्रहण केंद्र बनाया जाना प्रस्तावित है, कहकर आए तथा बिना ग्राम सभा के अनुमोदन के ही जमीन का नाप-जोख कर, संग्रहण हेतु सिधे धान लेकर आने लगे, ग्रामवासियों द्वारा खेल मैदान को धान संग्रहण हेतु नहीं दिए जा सकने की बात कहते हुए, आग्रह किया गया कि यदि जिला प्रषासन को धान संग्रहण हेतु जोबा में जमीन चाहिए तो विधिवत ग्राम सभा में प्रस्ताव हेतु पत्र दिया जाए, यदि ग्राम सभा से प्रस्ताव सर्वसम्मति से अनुमोदित हो जाता है, तो ही धान संग्रहण की स्थापना की जाए अथवा नहीं। ग्रामवासियों की बात सुन स्थानीय प्रषासन के सम्बन्धित अधिकारियों ने पैंतरेबाजी करते हुए ग्रामवासियों को बरगलाने हेतु मौखिक आष्वासन दिया गया कि धान संग्रहण केंद्र की स्थापना, जोबा में होने से स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा, उक्त मौखिक आष्वासन के झांसे में आकर ग्रामवासियों ने धान संग्रहण केंद्र स्थापना हेतु जोबा करंजीपानी में एक अन्य स्थान पर लगभग 10 एकड़ जमीन को दिखा दिया, जहां वर्श 2020 से धान संग्रहण केंद संचालित किया जाने लगा है। लेकिन अब स्थानीय प्रषासन के सम्बन्धित अधिकारी स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने के अपने मौखिक आष्वासन से मुकर गए हैं और धान संग्रहण केंद्र में गांव के बेरोजगार लोगों के बजाए बाहरी लोगों को अधिक संख्या में रोजगार दे दिया गया है। यही नहीं गांव के बेरोजगारों द्वारा रोजगार मिलने की आषा में दिए गए नाम की सूची का दुरुपयोग करते हुए, उनके नाम पर फर्जी तरीके से रकम भी निकाला गया और उक्त फर्जीवाड़ा के सम्बन्ध में दिनांक 04ध्06ध्2021 को कलेक्टर कोण्डागांव को षिकायत भी किया जा चुका है, लेकिन उक्त षिकायत पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पांचवी अनुसूची व पेषा कानून के प्रावधानों के तहत बिना ग्राम सभा से अनुमोदन कराए धान संग्रहण केंद्र का संचालन करने हेतु स्थानीय प्रषासन के द्वारा अपनी मनमानी करते हुए धान संग्रहण केंद्र के लिए जोबा में स्थल चयन कर लेना, मना करने पर आदिवासी समुदाय के ग्रामवासियों के सादगी, भोलेपन का लाभ उठाते हुए रोजगार दिए जाने का झांसा देकर, धान संग्रहण केंद्र संचालन के लिए ग्रामवासियों से छलपूर्वक हामी भरवाना और स्थानीय बेरोजगारों के बजाए गांव के बाहर के लोगों को रोजगार देने से वर्तमान में हम गांव के आदिवासी समुदाय के लोग अपने आपको ठगा हुआ और अपमानित महसूस कर रहे हैं।

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