कोंडागांव

जहां 23 मार्च को नक्सलियोें के हमले में षहीद हुये थे पंच जवान, जिला प्रषासन ने वहीं कोविड का षिविर लगा कर करा डाला वैक्सीनेषन जिले के अतिसंवेदनशील गांव बुरगुम में जिला प्रषासन लेकर पहुचे कोविड-19 टीका षिविर लगा कर किया गा्रमीणों का वैक्सीनेषन

कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा जिले के सुदूर संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए इन क्षेत्रों में जागरूकता प्रसार के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है। जिसके तहत् मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ टीआर कुंवर के मार्गदर्शन में बीएमओ सूरज राठौर द्वारा रोस्टर तैयार कर संवेदनशील क्षेत्रों में टीकाकरण शिविर लगवाये जा रहे हैं।
टीका के लिये षिक्षा से कोसों दूर गा्रमीण दिखे असहज – इस क्रम में उप स्वास्थ्य केन्द्र कड़ेनार के अंतर्गत ग्राम बुरगुम में टीकाकरण शिविर आयोजित किया गया। पूर्व से ही इस शिविर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर अभियान चलाया गया। हालांकि टीकाकरण के संबंध में फैली भ्रांतियों के कारण लोग टीकाकरण के प्रति असहज दिखे ऐसे में मोबिलाइजेशन टीम के द्वारा लोगों को जानकारी देकर टीकाकरण केन्द्र में टीके के लिए लाया गया।
भरसक प्रयास के बाद भी सिर्फ 20 लोगों को लग सका टीका – इस शिविर में बुरगुम के कुल 20 लोगों का टीकाकरण किया गया और आरएचओ बिंदेश नेताम, आयुषकर्मी प्रकाश बागड़े, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजबती बघेल, शिक्षक प्रताप सिंग ठाकुर, सहा. शिक्षक हरिशंकर कोसले, अश्वनी कुमार यादव, शिवचंद कावड़े द्वारा लोगों को टीका लगवाने में अपना योगदान दिया गया।
भौगोलिक हालात और अषिक्षा बनती है बडी बाधा – इस संबंध में आयुष विभाग के कर्मी एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश बागड़े ने बताया कि कड़ेनार के अंतर्गत आने वाले बुरगुम क्षेत्र अत्यन्त संवेदनशील होने के साथ भौगोलिक परिस्थितियों एवं अशिक्षा के कारण लोगों को शिविरों तक लाना कठिन हो जाता है। ऐसे में क्षेत्र के स्वास्थ्य कर्मियों, शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से ही टीकाकरण संभव हो सका है।
ग्रामीणों के विरोध के बाद भी लगाये गये 27 षिविर – उप स्वास्थ्य केन्द्र कड़ेनार द्वारा ग्रामीणों के विरोध के बावजूद भी अब तक 27 शिविरों के माध्यम से बेचा में 63, कीलम में 138, कड़ेनार में 145 लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिये टीका लगाया जा चुका है।
सोषल मीडिया भी बाधक – क्षेत्र की आरएचओ साक्षी मिंज ने बताया कि लोगों में सोशल मिडिया के द्वारा फैली भ्रांतियों के कारण लोग शिविरों में आने से कतराते हैं एवं भौगोलिक परिस्थितियां विषम होने से पहाड़ों पर बसे गांवों तक वैक्सीन पहुंचाना भी चुनौती होती है। ऐसे में शिविर लगाकर मोबिलाइजेशन टीम की सहायता से वैक्सिनेशन कार्य तीव्र गति से कराया जा रहा है।
इतना खतरनाक है इलाका – बता दें कि कड़ेनार के निकट बुरगुम में ही 23 मार्च को माओवादियों द्वारा डीआरजी के जवानों की बस पर आईईडी विस्फोट किया गया था जिसमें 05 जवान शहीद हुए थे।

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