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बड़ेकनेरा गोठान में स्व-सहायता समूह की महिलाएं सीख रहीं चारा उत्पादन सह प्रशिक्षण बड़ेकनेरा गोठान में कार्यक्रम का हुआ आयोजन चारागाह विकास का कौशल

जिले के गोठानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये गोठानों में ही चारागाह विकास के लिए कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा सभी अधिकारियों को समय-सीमा बैठक में निर्देशित किया गया था। जिसके अनुसार उप संचालक पशु चिकित्सा शिशिरकांत पाण्डे के मार्गदर्शन में विकासखण्ड कोण्डागांव की नोडल डाॅ. नीता मिश्रा द्वारा ग्राम बड़ेकनेरा के गोठान में चारा उत्पादन सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में स्व-सहायता समूह की महिलाओं को गोठान में वैज्ञानिक विधियों से पशुओं के संतुलित आहार के लिए चारा विकास का कौशल सिखाया गया साथ ही समूह की महिलाओं को पशुओं के उचित प्रबंधन एवं संतुलित आहार के लिए हरे चारे की आवश्यकता के संबंध में जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम के उपरांत गोठान प्रबंधन समिति के सदस्यों, समूह की महिलाओं एवं विभागीय दल द्वारा चारागाह क्षेत्र में कृषि विज्ञान केन्द्र कोण्डागांव द्वारा प्राप्त सुपर नेपियर एवं पशुधन विकास विभाग से प्राप्त हाईब्रिड नेपियर चारे का रोपण किया गया। इस दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डाॅ. हितेश मिश्रा ने महिलाओं को बताया कि नेपियार चारे की उत्तम किस्म है। जिसकी ऊंचाई 12 से 15 फीट तक होती है एवं वर्ष में चार से पांच बार इसकी कटाई की जा सकती है। यह पशुओं के लिये स्वादिष्ट होने के साथ उनके लिये सेहतमंद भी होता है। इसके द्वारा प्रतिवर्ष 250 से 300 क्विंटल प्रति एकड़ तक चारा प्राप्त किया जा सकता है। नेपियर में 8-10 प्रतिशत प्रोटीन एवं 55-60 प्रतिशत ऊर्जा तत्व होते हैं। इस कार्यक्रम में बड़ेकनेरा सरपंच बसंती बघेल, गोठान प्रबंधन समिति अध्यक्ष गोकुलदास मानिकपुरी, सचिव माहेश्वर पाण्डे, अध्यक्ष निर्मल महिला ग्राम संगठन भानमती एवं सहायक पशु क्षेत्र अधिकारी वारिशनंद, इंद्रजीत पाण्डे सहित सदस्य हीना, मौसमी आदि उपस्थित रहे।

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